Aayudh

आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने ही कार्यालय में किया बवाल

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं। सभी राजनैतिक दल लगभग सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाख़िल करना शुरू कर दिया है साथ ही प्रचार करने में जुट गए हैं। वहीं इस बार आम आदमी पार्टी भी मध्य प्रदेश में अपनी किस्मत आज़मा रही है। आप मजबूती से चुनावी मैदान में उतर रही है लेकिन कटनी में अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है। उसके बाद भी राजनीतिक दलों में नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। आपको बता दें ,कटनी में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपने ही जिला दफ्तर में जमकर उत्पात मचाया। उम्मीदवार ना ऐलान करने पर कार्यालय का घेराव एमपी विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा कटनी जिले में उम्मीदवारों की घोषणा ना होने पर नाराज़ कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय का घेराव कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान कार्यकर्ता कार्यालय की कुर्सियां पटकने लगे और नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। पार्टी ने बहोरीबंद, विजयराघवगढ़ और बड़वारा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशियों के नामों का एलान नहीं किया है जिससे नाराज़ कार्यकर्ताओं ने ये कदम उठाया। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुलेआम दी धमकी प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि ,अगर जल्द ही लिस्ट जारी नहीं की गई तो वे भोपाल तक प्रदर्शन करने पर विवश होंगे। हालांकि आप के जिलाध्यक्ष सुनील मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर सभी को शांत कराया और आलाकमान से मामले पर चर्चा करने की बात कही। तो वहीं आप के प्रदेश सचिव अनिल सिंह सेंगर का कहना है कि “हम एक परिवार की तरह हैं। कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में मेहनत करते हैं और उनका रोष होना स्वाभाविक है। फिलहाल देखना ये है की इस हंगामे के बाद आम आदमी पार्टी का एक्शन क्या होता है। ये भी पढ़े – कांग्रेस ने इन सीटों पर बदलें उम्मीदवार, फिर भी हालात नही बदलें

कांग्रेस ने इन सीटों पर बदलें उम्मीदवार, फिर भी हालात नही बदलें

कांग्रेस पार्टी में विरोध के चलते पार्टी ने अपनी चार सीटों पर उम्मीदवार बदलें. इसके बाद भी कांग्रेस पार्टी में विरोध कम नही हुआ. जिन उम्मीदवारों के टिकट बदले उन उम्मीदवारों के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पूर्व सीएम कमलनाथ के पुतले फुके और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है. मुरैना की सुमावली सीट से कुलदीप सिंह सिकरवार का टिकट कटने पर उनके कार्यकर्ता काफी आक्रोश में आगए है. कमलनाथ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. उज्जैन जिले की बड़नगर सीट से राजेंद्र सिंह सोलंकी दूसरे उम्मीदवार है जिनका टिकट पार्टी ने काटा है. राजेंद्र सिंह के कार्यकर्ता टिकट कटने पर कमलनाथ का पुतला जला रहे है. कुलदीप सिंह सिकरवार ने कमलनाथ पर आरोप लगाया कि उन्होने उनके साथ अन्याय किया है. यह पहली बार नही है जब कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार कमलनाथ का विरोध कर रहे है. इसके पहले भी टिकट कटने के कारण पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कमलनाथ के बंगले के बाहर धरना प्रदर्श किया था. इन-इन सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने बदले उम्मीदवार मुरैना के सुमावली विधानसभा क्षेत्र में बदलाव के बाद हुए पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाहा वहा से टिकट दया है. सुमावली पर इसके पहले कुलदीप सिकरवार को टिकट मिला था. कुलदीप सिकरवार ने अपना बयान देते हुए बताया कि ” मेरे क्षेत्र की जनता चाहती है कि में चुनाव लड़ूं तो मैं चुनाव लडूंगा”। उज्जैन जिले की बड़नगर सीट से राजेंद्र सिंह सोलंकी का टिकट कटा है. टिकट कटने के बाद राजेंद्र सिंह ने बताया कि मेरे पास तो टिकट कटने की कोई अधिकृत सूचना या जानकारी नही आई है. राजेंद्र सिंह 27 नवम्बर को नामांकन फॉर्म भी भरेंगे. पार्टी ने राजेंद्र सिंह सोलंकी की जगह मुरली मोरवाल को टिकट दिया है. नर्मदापुरम जिले की पिपरिया सीट पर गुरुचरण खरे का टिकट काटने के बाद उनकी जगह वीरेंद्र बेलवंशी को टिकट दिया और रतलाम जिले की जावरा सीट पर हिम्मत श्रीमाल का टिकट काटने के बाद वीरेंद्र सिंह सोलंकी को पार्टी ने टिकट दिया है. ये भी पढ़े- निशा बांगरे का इस्तीफ़ा हुआ मंज़ूर, किस पार्टी से लड़ेंगी चुनाव?

निशा बांगरे का इस्तीफ़ा हुआ मंज़ूर, किस पार्टी से लड़ेंगी चुनाव?

मध्यप्रदेश में चुनावी हलचल तेज़ हो गई है इसी बीच ये खबर आई है की मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का इस्तीफ़ा आखिरकार सरकार द्वारा मंज़ूर कर लिया गया है. इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद से उनका राजनीतिक रास्ता साफ़ हो गया है जिसके बाद उन्होंने खुद जानकारी देते हुए लिखा की वे आगामी चुनाव लड़ेंगी.एक व्हाटसएप ग्रुप में सन्देश लिखकर निशा बांगरे ने ये जानकारी दी की “मैं चुनाव लडूंगी. गुरूवार या शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करुँगी” हालाँकि अभी इस सस्पेंस का खुलासा नहीं हुआ है की निशा बंगारे किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी. क्या पार्टी निशा बांगरे के लिए बदलेगी उम्मीदवार आपको बता दें अनुसूचित जाती से आने वाली निशा बंगारे बैतूल जिले की आमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं और यही उनके इस्तीफ़ा देने की वजह भी थी. उस समय कांग्रेस पार्टी ने मौका देख उनका समर्थन किया था क्योंकि वे आमला पदस्थ रह चुकी हैं .आमला एससी बहुल वोटर वाली सीट है यहाँ बौद्ध को मानने वाले भी अधिक हैं. बैतूल जिले पर अच्छी पकड़ देख कांग्रेस मंत्री कमलनाथ ने उन्हें वहां से कांग्रेस का टिकेट देने का प्रस्ताव दिया था. इसके बाद ही उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था. इस्तीफ़ा स्वीकार होने तक कांग्रेस पार्टी ने उस सीट को होल्ड पर रख दिया था. जब निशा बांगरे का इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं हुआ तो कांग्रेस ने बैतूल जिले से अपने प्रत्याशी मनोज मालवे का नाम घोषित कर दिया. सरकार द्वारा निशा बांगरे का इस्तीफा नमंजूर करने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था .अब राज्य सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. निर्दलीय चुनाव लड़ सकती है निशा अब निशा बांगरे को इस्तीफ़ा मिलने के बाद से माना जा रहा था की कांग्रेस इस सीट पर एक बार फिर मंथन करने पर विचार कर सकती थी लेकिन कांग्रेस की तीसरी लिस्ट में एक बड़ा दाव चला है जिसमें कांग्रेस द्वारा कुछ जगहों के प्रत्याशियों के नाम बदले गए हैं जिसमें निशा बांगरे का नाम शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में अब साफ़ है की निशा बांगरे किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ सकती है. उन्होंने कहा है की उनका किसी भी राजनीतिक दल से अभी तक कोई सम्पर्क नहीं हुआ है.निशा बांगरे ने अपने बयान में कहा था, “मैं चाहती हूँ देश में अच्छी व्यवस्था बनी रहे और यह तभी हो सकता है जब राजनीतिक मनसा अच्छी होगी”. इसी पर अब बांगरे की निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावनाएं तेज़ हो रही है. ये भी पढ़े – क्या फिर कमलनाथ और दिग्विजय के बीच पड़ी फूट

क्या फिर कमलनाथ और दिग्विजय के बीच पड़ी फूट

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के टिकट बटवारे के बाद से ही पार्टी के खिलाफ विरोध , प्रदर्शन और नेताओं का बगावती तेवर देखने को मिल रहा है। कहीं कार्यकर्ता नारेबाजी कर सड़को पर उतर आए , कभी कमलनाथ के बंगले का घेराव किया तो कभी पुतले फुके गए। सिर्फ कार्यकर्ता पार्टी से नाराज़ नहीं है बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पीसीसी चीफ कमलनाथ भी एक दूसरे से नाराज़ लग रहे है। दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ पर उठाए सवाल पीसीसी चीफ कमलनाथ ने हाल ही में एमपी में सपा को एक भी सीट न देने को लेकर एक बयान दिया था। उनका कहना था कि I.N.D.I.A. गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए है न की राज्य चुनाव के लिए इसके साथ ही अखिलेश पर टिप्पणी भी की । कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर की गई टिप्पणी पर सफाई तो दी ही पर कमलनाथ पर भी सवाल खड़े कर दिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ,”कमलनाथ ने जो कहा वो पता नहीं कैसे कह दिया। किसी को भी किसी के बारे में ऐसा नहीं बोलना चाहिए”। एक दूसरे पर टिप्पणी कर रहे कांग्रेस के ये कद्दावर नेता आपको बता दें कि , कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह काफी समय से लगातार एक दूसरे पर टिप्पणी करते आ रहे है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुई जिसमें कमलनाथ लोगों को दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ो कहते नज़र आए। जिसके बाद दिग्विजय सिंह काफी नाराज़ नज़र हो गए और कमलनाथ पर ज़ुबानी वार करने लगे। इतना ही नहीं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह एमपी में कांग्रेस के वचनपत्र की घोषणा के दौरान भरे मंच पर तू तू मैं मैं करते नज़र आए थे। इसका भी वीडियों खूब वायरल हुआ। कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की इस ज़ुबानी जंग पर विपक्षी दल चुटकी ले रहे है। ये भी पढ़े – एक के बाद एक सभी पार्टीयां छोड़ रही, इंडिया गठबंधन का साथ

एक के बाद एक सभी पार्टीयां छोड़ रही, इंडिया गठबंधन का साथ

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टीया अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रही है. एक के बाद एक कर सभी पार्टीया इंडिया गठबंधन का साथ छोड़ रही है. पहले तो समाजवादी पार्टी के साथ कमलनाथ का विवाद हो गया जिसके चलते अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश में इंडीविजुअली चुनाव लड़ने का फैसला कर लिए है. अभी एक बड़ी खबर सामने आई है जिसका सीधा असर इंडिया गठबंधन पर पड़ता दिखाई दे रहा है. इंडिया गठबंधन पुरी तरह से बनने से पहले ही बिखर गया. अखिलेश यादव के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) JDU ने भी मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टीया अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रही है. नीतीश कुमार ने मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी 5 साटों पर उम्मीदवार उतारे है. आपको बता दें कि पिछोर से चंद्रपाल यादव, राजनगर से रामकुंवर रैकवार, विजयराघगढ़ से शिवनारायण सोनी, थांदला सीट से तोलसिंह भूरिया और पेटलावद से रामेश्वर सिंघार इन पांच उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. इसके पहले नीतीष कुमार को लेकर एैसी कोई खबर सामने नही आ रही थी. लेकिन जब से कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच का विवाद सामने आया तब नीतीश ने भी अपने उम्मीदवार चुनाव में उतार दिए. यह वही नीतीश है जो शुरू में इंडिया गठबंधन में मुख्य संयोजक का काम कर रहे थे. इस खबर से साफ पता चल रहा है कि इंडिया अलायंस पुरी तरह से बिखर गई है. ये भी पढ़े- मध्यप्रदेश में शिवराज को टक्कर देंगे मिर्ची बाबा, सपा ने किया ये फैसला

कांग्रेस पार्टी की सविता दीवान ने अपनाई सिंधिया वाली स्कीम

उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है,जो जिंदा है तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है ये किसी शायर की शायरी नही बल्कि कांग्रेस पार्टी की एक बागी नेता की सोशल मीडिया पोस्ट है जिसे उनकी पार्टी की लिए नाराजगी बताया जा रहा है .नर्मदापुरम की पूर्व विधायक और कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सविता दीवान शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बिल्कुल वैसी ही पोस्ट की है जैसी कांग्रेस पार्टी छोड़ने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की थी जिसके बाद माना जा रहा है कि वह जल्द इस्तीफा देने वाली है. “Mp कांग्रेस पार्टी को कमलनाथ और दिग्विजय ने बंधक बना लिया है ” सविता दीवान इसके पहले भी सविता ने एक पोस्ट किया था जिसमें लिखा था कि अपना अस्तित्व बचाने को अपनों से लड़ना पड़ता है,जब भीष्म अधर्म के रक्षक हों तो अर्जुन बनना पड़ता है. इस पोस्ट को देखकर भी हर कोई हैरान था.दीवान का कहना है कि जिस बात को लेकर दो महीने टिकट वितरण करने की बात की जा रही थी अब पार्टी में वह दिखाई नही दे रहा है और तानाशाही चल रही है .इसके साथ ही नेत्री का कहना है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी को कमलनाथ और दिजविजय ने बंधक बना लिया है. सविता दीवान शर्मा ने पूर्व मंत्री मधुकरराव को हराया था वह इस बार सुहागपुर विधानसभा से टिकट चाहती थी पर पार्टी ने जिलाध्यक्ष पुष्पराज पटेल को टिकट दे दिया जिसपर से नाराज सविता ने लगातार एक के बाद एक पोस्ट शेयर की .साथ एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सविता दीवान का कहना है कि तानाशाही रवैया अपनाकर टिकट वितरण हुआ है यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश में शिवराज को टक्कर देंगे मिर्ची बाबा, सपा ने किया ये फैसला

मध्यप्रदेश में शिवराज को टक्कर देंगे मिर्ची बाबा, सपा ने किया ये फैसला

मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी भी मैदान में उतर गई है. कांग्रेस पार्टी मध्यप्रदेश से सपा को 5 सीट देने वाली थी. लेकिन कांग्रेस से धोखा खाने के बाद अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इस विवाद के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते नजर आए थे. कमलनाथ से अखिलेश की नाराजगी साफ-साफ दिखाई दे रही है. अखिलेश यादव मध्यप्रदेश के बुधनी क्षेत्र से मिर्ची बाबा को टिकट देने वाले है. मध्यप्रदेश में बुधनी को सबसे हाई प्रोफाइल सीट माना जाता है. शिवराज सिंह चौहान बुधनी से लगातार 5 बार विधायक रह चुके है. खास बात यह है कि इस बार बुधनी का चुनाव सबसे रोमांचक होने वाला है. शिवराज को बुधनी से टक्कर देने के लिए सपा ने मैदान में मिर्ची बाबा को उतारा है. हमें जानकारी मिली है कि इस बार मिर्ची बाबा भी राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे है. कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशि टीवी एक्टर विक्रम मस्ताल बुधनी से चुनाव लड़ेंगे. इसके बाद अब बुधनी का चुनाव और रोमांचक हो गया है. देखना यह है कि इस बार बुधनी का चुनाव कौन जीतता है. क्या इस बार शिवराज सिंह चौहान बधुनी से जीत पाएंगे? ये भी पढ़े- एमपी में कांग्रेस ने बदले 4 उम्मीदवार,जानें किन किन सीटों पर किया बदलाव

एमपी में कांग्रेस पार्टी ने बदले 4 उम्मीदवार,जानें किन सीटों पर किया बदलाव

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फेर बदल किया है। पार्टी ने 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार बदल दिए है। कांग्रेस ने मुरैना की सुमावली सीट पर कुलदीप सिकरवार को बदलकर अजब सिंह कुशवाहा को टिकट दिया है। वहीँ नर्मदापुरम की पिपरया सीट से गुरुचरण खरे की जगह वीरेंद्र बेलवंशी, उज्जैन की बड़नगर सीट से राजेंद्र सिंह सोलंकी की जगह मुरली मोरवाल को प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही रतलाम की जावरा सीट पर हिम्मत श्रीमाल का टिकट रद्द कर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस पार्टी ने तीन बार में 230 प्रत्याशियों की घोषणा के बाद हो रहे विरोध, प्रदर्शन और बगावत को देखते हुए प्रत्याशियों के बदलाव का फैसला लिया है।आपको बता दें ,इससे पहले कांग्रेस ने दूसरी सूची में 3 प्रत्याशी बदले थे जोकि गोटेगांव, दतिया, पिछोर थे। इस तरह से पार्टी अबतक 7 प्रत्याशी बदल चुकी है। वहीँ अब आमला और शिवपुरी में भी पेंच फंसा हुआ है। ये भी पढ़े – बसपा ने जारी की आठवीं और नौवीं सूची , इस सीट पर बदलना पड़ा उम्मीदवार