खुली 1990 की कश्मीर में हुए नरसंहार की फाईल,अब हिंदुओं को मिलेगा न्याय
अब जम्मू कश्मीर पुलिस खोलेगी 1989-1990 के बीच कश्मीर में हुए नरसंहार की फाईल्स.JK पुलिस ने रिटायर्ड जज नीलकंठ गंजू की फाईल को रीओपन किया.पुलिस ने देशवासियों से मदद मांगी है कि यदि किसी के पास भी केस से जुड़ी कोई जानकारी है तो उनसे संपर्क करें.इस फैसले के बाद आगे चलकर संभवतः कश्मीरी नरसंहार से पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकता है. कौन हैं नीलकंठ गंजू जस्टिस नीलकंठ ने JKLF के फाउंडर आतंकवादी मकबूल भट्ट को 1968 में फांसी की सजा सुनाई थी.जिसके बाद बदला लेने के लिए JKLF के लोगों ने 1989 में रिटायर्ड जस्टिस नीलकंठ गंजू को दिन दहाड़े मार डाला. एसआईए इस केस की तह तक पहुंचना चाहती है जिसके लिए उसने देश की जनता से मदद माँगी है.कि यदि किसी को भी केस से जुड़ी कोई बात याद है तो वो तुरंत बताएं.बताने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान किसी को नहीं बताई जाएगी. सुनकर काँप जाएगी रूह कश्मीर में 1990 के समय में हुए नरसंहार की बात करी जाए तो वहां रहने वाले हर हिंदू परिवार ने मुस्लिम जिहादियों द्वारा की गई क्रूरता को अपनी आँखों से देखा है,अपने परिवार को,अपनों को नजरों के सामने तड़पते हुए देखा है. अपनी पत्नी, बहन ,बेटी ,माँ की इज्जत तो सरे बाजार में बिकते देखा है.अपने पड़ोसियों को मजहब का साथ देने के लिए इंसानियत को बिकते देखा है.इन कट्टरपंथियों द्वारा मंदिरों को तोड़ते देखा है. इतना हुआ था कश्मीर में नरसंहार कश्मीर फाईल्स तो कुछ कहानियों पर बनाई थी पर यदि सबकी कहानियों पर कोई फिल्म बनाए तो ऐसी और इससे भी भयानक 7 लाख से भी ज्यादा फिल्म बन जाएगी. इतिहास में पहली बार अब जाकर जम्मू कश्मीर की पुलिस और एसआईऐ की टीम सबको न्याय दिलाना चाहती है.जिसमें उनको हमारी ज़रूरत है.यदि आपके पास ऐसे केसों से जुड़ी कोई भी बात हो तो उन्हें ज़रूर बताए. ये भी पढ़ें- मालवा क्षेत्र में फिर हुआ हिंदू देवी देवताओं का अपमान https://aayudh.org/insult-of-hindu-deities-again-in-malwa-%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%b7%e0%a4%a4%e0%a4%b0/
कमलनाथ की सॉफ्ट हिंदूत्व की राजनीति पर शिवराज और ओवेसी का हमला
बागेश्वर प्रमुख धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से कथा कराने के बाद से ही पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ की सॉफ्ट हिंदूत्व की राजनीति पर तरह तरह से सवाल उठाए जा रहे हैं. मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं साथ ही उनने कहा कि कांग्रेस की चुनावी भक्ती है. इसपर कमलनाथ ने चौहान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो इंसान जैसा होता है वो वैसी ही दृष्टी से दुनिया को देखता है.इतना ही नहीं कमलनाथ के हिंदूत्व को देखकर एआईआईएम प्रमुख ओवेसी ने भी तंज कसते हुए बयान दिया. शिवराज सिंह का कहना ये कहना है मुख्य मंत्री ने कमलनाथ की भक्ति पर कहा कि ‘अब यह करने के लिए मजबूर है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं. यह कांग्रेस की चुनावी भक्ति है. उनके अंदर ही अंदर अंतर्द्वंद मचा हुआ है.कमलनाथ जी सोच रहे हैं, मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं; बड़ी मुश्किल है किधर जाऊं..? अब तो उनके एक नेता ने ही कह दिया है, कि मुख्यमंत्री कौन बनना चाहिए? उनके तो नेता होने पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. अब मुझे लग रहा है कि वह नेता का दावा पुख्ता करने के लिए कथाओं के आयोजन में भी लग गए हैं. ‘वह यह भी कहते हैं कि जो कांग्रेस और जो कमलनाथ राम को काल्पनिक मानते थे अब वही लोग कथा करा रहे हैं,हुनमान चालीसा पढ़ रहे हैं. कमलनाथ ने ट्वीट कर ये कहा कमलनाथ ने ट्वीट करके कहा कि “मेरी हनुमान भक्ति पर विचार करने के स्थान पर आप मध्यप्रदेश की “जन–भक्ति” पर विचार कीजिए, जो आपका संवैधानिक उत्तरदायित्व है और जन उपयोगी है. मध्यप्रदेश की जनता को “जन–भक्त” सरकार चाहिए, भाजपा की “घोटाला–भक्त, घोषणा–भक्त, भ्रष्टाचार–भक्त, अत्याचार–भक्त और नौटंकी–भक्त सरकार नहीं”. मध्यप्रदेश की जनता भाजपा सरकार को अंदर और बाहर से अच्छे से देख–समझ चुकी है, पलट जवाब देने के लिए केवल समय आने का इंतजार कर रही है.”साथ ही मुख्य मंत्री के चुनावी भक्ति वाले बयान पर ट्वीट किया कि “जीवन में जो इंसान जैसा होता है, वो वैसी ही दृष्टि से बाहरी दुनिया को देख पाता है. निश्चित ही आप “चुनावी भक्त” होंगे, इसीलिए आप दूसरों में भी चुनावी भक्ति खोज रहे हैं, जीवन के हर पहलू को चुनाव के रंग से ही देख पा रहें हैं. आस्था और विश्वास, व्यक्ति की आंतरिक अनुभूति होती है, स्थाई होती है मेरी आस्था आंतरिक है.” ओवैसी ने कह दी बड़ी बात कमलनाथ के 80 प्रतिशत हिंदू और भारत के हिंदू राष्ट्र होने वाले बयान पर ओवैसी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के “दिग्गज” नेता साफ़-साफ़ वही कह रहे हैं जो मोहन भागवत कहते हैं: कि भारत हिंदू राष्ट्र है. भारत सिर्फ़ एक समुदाय का देश नहीं है. भारत कभी हिंदू राष्ट्रा ना था, ना है और ना कभी होगा इंशा’अल्लाह. “मोहब्बत की दुकान” में नफ़रत की तस्करी हो रही है. दूसरों पर B-Team का ठप्पा लगाने का अधिकार इन्हें कहां से मिला? कल के दिन अगर भाजपा हार भी जाये, तो इस नफ़रत में क्या कोई कमी आएगी?’ ये भी पढ़ें- भोपाल जामा मस्जिद को लेकर होगी पिटीशन दायर https://aayudh.org/petition-will-be-filed-regarding-bhopal-jama-masjid/
मालवा क्षेत्र में फिर हुआ हिंदू देवी देवताओं का अपमान
मध्य प्रदेश के आगर मालवा क्षेत्र में कुछ मुस्लिम युवकों ने हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक वीडियो बनाया.जिसके वायरल होने के बाद हिंदू संगठन ने आरोपियों के घर तोड़ने की मांग की है. धार्मिक भावना को पहुँचाया ठेस दरअसल आगर मालवा क्षेत्र के नलखेड़ा में जावेद ,असलम, बंटी और उनके साथियों ने हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो डाला.जब वीडियो वायरल हुआ तो हिंदू संगठन ने इसका विरोध किया और पुलिस थाने का घिराव किया.जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँच गया. मालवा क्षेत्र में टूटेंगे मकान हिंदू जागरण मंच ने नलखेड़ा थाना प्रभारी को आरोपियों पर कारवाही को लेकर आवेदन किया.जिसके बाद पुलिस द्वारा आरोपी जावेद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया.क्षेत्र की एसडीएम किरण बरबड़े के पहुँचने पर संगठन के सदस्यों ने उनको भी आवेदन दिया.इस आवेदन में आरोपी युवक के मकान को तोड़ने की माँग की गई है.जिसके बाद एसडीएम ने विधिवत सीमांकन के निर्देश दिए हैं. ये भी पढ़ें- मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों की ‘No Entry’ आधार कार्ड से गांव में प्रवेश https://aayudh.org/muslim-and-christian-traders-enter-village-with-no-entry-aadhaar-card/
मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों की ‘No Entry’ आधार कार्ड से गांव में प्रवेश
मध्य प्रदेश में आय दिन लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिससे बचने के लिए अशोकनगर जिले की धौरा ग्राम पंचायत ने एक अनूठा प्रयास किया. धौरा पंचायत के लोगों ने पोस्टर और बैनर लगाए जिसमें मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों की गाँव में नो ऐन्ट्री की बात लिखी हुई थी.साथ ही आधार कार्ड दिखाकर ही गाँव में प्रवेश करने की बात थी ताकी इस तरह से वह अपनी बहन बेटियों को जिहादियों से बचा सकें मुस्लिम और ईसाई की नो ऐन्ट्री अशोकनगर की धौरा ग्राम पंचायत में पोस्टर और बैनर लगाकर गाँव में मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों का प्रवेश निषेध कर दिया.दरअसल कुछ दिन पहले गांव में एक पंचायत बैठक हुई जिसमें सरपंच ने धर्मांतरण और लवजिहाद से बचने के लिए यह सुझाव दिया. सभी लोग सुझाव से सहमत हो गए और पूरे गाँव में पोस्टर और बैनर लगा दिए.जैसे ही प्रशासन को जानकारी मिली तो एक्शन लेते हुए उनने दीवारों से सभी पोस्टर और बैनर निकलवाकर उन्हें जब्त कर लिया. क्या है सरपंच का कहना गाँव के सरपंच और भाजपा के किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल यादव का कहना है कि जिस तरह से हम देश का माहौल देख रहे हैं.ईसाई मिशिनरी और मुस्लिमों द्वारा लगातार लव जिहाद और धर्मपरिवर्तन जैसे मामले देश भर से सामने आ रहे हैं.जिसके कारण हम सभी हिंदुओं को जागरुक होना चाहिए. लगातार किस तरह धर्मांतरण और लव जिहाद कर हमारी बहन-बेटियों के साथ ज्यादती की जा रही है. इन सभी मामलों को देखते हुए प्रस्ताव लाया गया.जिस पर ग्रामीणों की सहमति पर यह निर्णय लिया गया कि धर्म विशेष के लोगों को गाँव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. ग्रामीणों का क्या कहना है ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ढोलक बजाकर जन जागरण का अभियान चलाया जाएगा.ताकी सभी लोग जागरुक हो जाए कि किस तरह से बहला फुसलाकर यह लोग धर्मपरिवर्तन और लव जिहाद जैसी घटनाओं को अंजाम देते है.उनका कहना है कि गाँव की बेटियों और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हमारी है इसलिए हमने यह फैसला लिया. ये भी पढ़ें- भोपाल जामा मस्जिद को लेकर होगी पिटीशन दायर https://aayudh.org/petition-will-be-filed-regarding-bhopal-jama-masjid/