महिला कर्मचारियों को मिलेगा सात दिन का अतिरिक्त अवकाश, शिवराज सरकार ने पूरा किया वादा
मध्य प्रदेश की महिलाओं को शिवराज सरकार ने दी बड़ी सैगात . आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला कर्मचारियों के लिए किया बड़ा ऐलान. महिला दिवस पर सीएम शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुरूप महिला कर्मचारियों को 7 दिनों के अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश (CL) देने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आज बुधवार 5 जुलाई को आदेश जारी कर दिए है. अब महिला कर्मचारी अपनी आवश्यकता के हिसाब से इन अवकाशों को ले सकेंगी. शिवराज ने निभाया भाई का दायित्व इसके पहले शिवराज सरकार ने मुख्य मंत्री लाडली बहना योजना का भी शुभारंभ भी किया था जिसमे हर माह महिलाओं को 1000 रुपये दिए जायेंगे जो आगे जाकर बढ़ भी सकते हैं. चुनाव से पहले प्रदेश के मामा अपने बहनों को लिये लगातार योजना आ रहे हैं . महिला दिवस के मौके पर मुख्य मंत्री द्वारा ये ऐलान किया गया था कि प्रदेश की महिला कर्मचारियों को 7 दिन का अतिरिक्त अवकाश दिया जायेगा .और आज सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है .महिला दिवस पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि आज के दौर में महिलाएं कंधे से कंधा मिलकर चल रही है साथ ही वह घर और बच्चों की भी ज़िम्मेदारी उठाती है इसलिए हमने तय किया है कि महिला कर्मचारी को 7 दिन का अतिरिक्त अवकाश दिया जायेगा जिसे वह अपनी आवश्यकता के अनुरूप इस्तेमाल कर सकेंगी .
क्या Jack Ma का लाहौर जाना किसी बिजनेस वेंचर का हिस्सा है?

चीन के सबसे बड़े इ-कॉमर्स टेक्नोलॉजी कंपनी अलीबाबा ग्रुप के फाउंडर जैक मा जहाँ भी जाते है वो खबर बन जाती है क्योंकि वो अक्सर मीडिया ही नही पर दुनिया की नज़रों से छिपे रहते है।वह 29 जून को पाकिस्तान के लाहौर में देखे गए थे जिसकी पुष्टि वहाँ के कई बड़े व्यपारियों ने ट्वीट कर दिया।पर वह वहाँ बस 23 घंटो के लिए रुके थे और उन्होंने इसे इतना प्राइवेट रखा की पाकिस्तान के चीनी एम्बैसी को भी इसकी पूरी जानकारी नहीं थी। अरबपति जैक मा वहां अपने प्राइवेट जेट से पहुंच कर किसी प्राइवेट जगह पर रुके थे। उन्होंने वहां ना ही किसी सरकारी अधिकारी से मुलाकात की ना ही मीडिया वालो से। वैसे इसे पर्सनल विजिट बता रहे है पर इससे पहले 28 जून को वह नेपाल की राजधानी काठमांडू गए थे और 27 जून को बांग्लादेश की राजधानी ढाका गए थे। उनकी ये दोनों दौरे भी 1 दिन की रही है। उनके इस दौरे को सब किसी व्यापार का रूप उनके साथ आये लोगों के वजह से दे रहे है। उनके साथ कुल 7 लोगों की टीम थी जिसमे 5 चीन के ही थे, 1 डेनमार्क का था और 1 अमेरिका से।पाकिस्तान से निकलते ही फिर 30 जून को वो उज़्बेकिस्तान पहुँच गए। अब ये तो वक़्त के साथ ही पता चलेगा की इन विज़िट्स के पीछे क्या राज़ है या कोई राज़ है भी कि नहीं। पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर इसी बीच पाकिस्तान के बड़े अफसर और व्यापारियों का ये मानना है कि जैक मा का पाकिस्तान आना उधर की टूरिज्म और अर्थव्यवस्था के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।इसे जैक मा का असर समझे या पाकिस्तान की बद से बत्तर आर्थिक संकट की वहां के व्यापारियों ने ये तक कहा की अगर वो बस इस्लामाबाद के आईटी सेक्टर पर बयान भी दे देंगे तो ये बहुत बड़ा बदलाव दिखला सकती है।जैसा जैक मा का इतिहास रहा है, अब पाकिस्तान के लोग इस उम्मीद में है की शायद उनकी डूबती अर्थव्यवस्था को तिनके का सहारा मात्र ही मिल जाए।
क्या अमेरिका सच में सूर्य की रौशनी को रोक सकता है

US के व्हाइट हाउस ने एक रिपोर्ट निकाली है जिसमे उन्होंने ये बताया है कि वो सूर्य की रौशनी को पृथ्वी पर आने से रोकने के उपर शोध करना चाहते है. इस प्रक्रिया को सोलर रेडिएशन मॉडिफिकेशन (SRM) कहते है. उनका मानना है की इस से पृथ्वी को और ठंडा किया जा सकता है. और उसमे वक़्त भी काफी कम लगेगा. इसमें सूरज की गर्मी को धरती तक आने से रोकने के लिए धूल और भाप की एक दीवार खड़ी कर दी जाएगी. उसके बाद ही उन्होंने फिर ये साफ कर दिया की ये बस रिसर्च तक ही सीमित होगा, अभी इस पर कोई कदम नहीं उठाए जाएंगे. आज जब ग्लोबल वार्मिंग अपने चरम सीमा पर है, सभी इसी खोज मे है की इसे नियंत्रण मे कैसे लाया जाए. आए दिन किसी न किसी रिपोर्ट से ये मालूम पड़ता है की पृथ्वी का तापमान बढ़ता जा रहा है. और इस SRM के ऊपर कई दिनों से रिसर्च जारी है पर सभी शोधकर्ता अलग अलग अनुमान लगा रहे है| इसलिए यह ढंग काफी विवादित है. कुछ समय पहले यूनाइटेड नेशन्स इनवायरमेंट प्रोग्राम (UNEP) की एक रिपोर्ट आई, जो कहती है कि ग्लोबल वार्मिंग घटाने के लिए सूरज को ढांपने की तकनीक जानलेवा साबित हो सकती है. कौन से तरीकों की बात हो रही है? पहला तरीका है मरीन क्लाउड ब्राइटनिंग जिससे समुद्र के ऊपर बनने वाले बदल को और सफेद कर दिया जाएगा जिससे सूर्य की किरणें स्पेस में ही वापस रिफ्लेक्ट हो जाए और दूसरा तरीका है स्ट्रेटोस्फेरिक एयरोसोल इंजेक्शन. इस प्रोसेस में साइंटिस्ट बड़े-बड़े गुब्बारों के जरिए वायुमंडल के ऊपरी हिस्से पर सल्फर डाइऑक्साइड का छिड़काव करेंगे. सल्फर सूरज की किरणों को परिवर्तित कर सकता है.कई वैज्ञानिकों और जानकारों का मानना है की ये लास्ट लाईन ऑफ़ डिफेन्स है. सभी देश अगर ग्रीन हाउस गैस को किसी भी तरीके से नियंत्रण में लाने मे नाकाम होते है तो इसक बारे में सोचा जा सकता है क्योंकि इसके फायदे से ज्यादा नुकसान होने की संभावनाएं है.हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड जैसी यूनिवर्सिटी भी इस रिसर्च पर जोरों शोरों से लगी हैं. एक तरफ जहां यह रिसर्च ग्लोबल वार्मिंग को कम करेगी, दूसरी ओर इसके जलवायु तंत्र पर बहुत गहरे प्रभाव कर सकते है.
दमोह हिजाब विवाद में एक बार फिर बच्चों को बनाया जा रहा मोहरा,बच्चों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दमोह के चर्चित हिजाब मामले में अब स्कूल प्रबंधन एक बार फिर बच्चों को ढाल बनाकर जिला प्रशासन पर दवाब डाला जा रहा है . दरअसल गंगा जमुना स्कूल की मान्यता बहाली की मांग लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक कलेक्ट्रेट पहुंचे. बच्चों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन गंगा जमुना स्कूल की मान्यता रद्द होने बाद अब स्कूल प्रबंधन मासूम बच्चों को ढाल बना रहे हैं . मंगलवार को बड़ी संख्या में बच्चे उनके अभिभावक के साथ कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे .ज्ञापन में बच्चों ने अपने विभिन्न मांगे भी लिखी .इसमें लिखा गया कि गंगा जमुना स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है .यहाँ गरीबों के 1208 बच्चे पढ़ते हैं.इसलिए स्कूल की मान्यता की बहाली की जाये. NCPCR अध्यक्ष ने जताई थी पूर्व में आशंका NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने ट्विट कर पहले ही ये आशंका जताई थी कि स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों का इस्तिमाल किया जा सकता है . इसके बाद ही स्कूल प्रबंधन और बच्चों द्वारा एक रैली भी निकाली गयी थी और अब दोबारा बच्चों को ढाल बनाकर जिला प्रशासन पर दवाब डाला जा रहा है . .आपको बतादें की बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए पहले ही उन्हें दुसरे अंग्रेजी मीडियम स्कूल में भर्ती करा दिया है .बताया जा रहा है कि इन स्कूल में बच्चों की पढ़ाई भी मुफ्त होगी . इन सब के चलते आखिर क्यूँ अभिभावक और बच्चों को ज्ञापन देना पड़ा .अभी तक साफ़ नही हुआ कि ये घटना सचमें स्कूल के प्रति बच्चों का लगाव है या फिर स्कूल के प्रबंधन की खुद को कानून से बचाने की साज़िश.