Aayudh

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया ये मास्टर प्लान…

मध्यप्रदेश में चुनाव नज़दीक आते ही बीजेपी ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना शुरू कर दिया है जहाँ एक ओर बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व पार्टी को जीत दिलाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं तो वहीं केंद्रीय नेतृत्व भी बढ़ चड़कर चुनावी प्रचार में हिस्सा ले रहे  है ,एक माह के अन्दर मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के तीन बड़े नेता का आगमन होगा इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं . सभी नेता अलग अलग तरह से जनता का समर्थन पाने की कोशिश में लगे हुए हैं.आईये जानते हैं किसका दौरा कब और क्यों हैं. केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह  केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य भाग यानि राजगढ़ से चुनावी प्रचार का आगाज़ किया . 13 जून को राजनाथ सिंह, राजगढ़ में (MP राजगढ़ किसान कल्याण महाकुंभ) के आयोजन में आये .महाकुंभ में किसानों को 6 हजार करोड़ रुपये दिए . मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफ़ी योजना के अंतर्गत 11 लाख किसानों को 2123 करोड़ रुपये दिए . मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना में 44 लाख 49 हज़ार किसानों को  2900 करोड़ दिए और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 70 लाख किसानों के खाते में 1400 करोड़  डाले , गृहमंत्री अमित शाह अमित शाह 22 जून को बालाघाट का दौरा करेंगे . शाह लगभग हर दो महीने में  मध्यप्रदेश का दौरा कर रहे हैं उन्होंने  24 फरवरी को सतना और 25 मार्च को छिंदवाड़ा दौरा किया था. बताया जा रहा है कि अमित शाह का फोकस मध्यप्रदेश पर है वो प्रदेश की हर घटना पर नज़र डाले हुए हैं . बालाघाट में शाह विशेष जनसंपर्क अभियान में शामिल होने वाले हैं साथ ही MP में बीजेपी संगठन में जो विवाद है उनको खत्म कर संगठन को मजबूती भी दे सकते हैं . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आने वाले है . प्रधानमंत्री पहले धार में ‘सिकल सेल एनीमिया’ के जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगे .धार से वह भोपाल आकर कार्यक्रम को संबोधित करेंगे . नरेन्द्र मोदी प्रदेश से ही देश के 10 लाख बूथों को डिजिटली संबोधित करेंगे .इस दिन प्रधानमंत्री जबलपुर इंदौर वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखायेंगे .संभव है कि वन्दे भारत को हरी झंडी भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से ही दिखाई जाएगी . माना जा रहा है कि वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है संस्कारधानी जबलपुर क्योंकि जबलपुर में भाजपा की पकड़ कमजोर है जिस वजह से जबलपुर इंदौर वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जबलपुर की जनता को लुभाने का काम कर सकती है . भोपाल में प्रधानमंत्री के रोड शो होने के भी आसार नजर आ रहे हैं . 

इंदौर में नशे के खिलाफ विरोध कर रहे बजरंगदल कार्यकर्ताओं पर चलायी जमकर लाठी

गुरूवार को इंदौर के पलेशिया थाने के सामने बजरंगदल के कार्यकर्ता नशे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तब पुलिस ने उनपर लाठी चार्ज करदी जबकि कार्यकर्ताओं का ये प्रदर्शन पूर्व सूचित और शांति पूर्ण था .पुलिस ने करीब 15 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था .हालांकि प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना पर उच्च स्तारिये जाँच की बात कही. क्या है पूरा मामला इंदौर के पलासिया थाने के सामने बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने नशे के खिलाफ प्रदर्शन किया . प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने  कमिश्नर मकरंद देउस्कर को बुलाने की मांग की कमिश्नर तो नहीं आये पर अफसरों के कहने पर पुलिस ने लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया . पुलिस ने करीब 15 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जिसके बाद प्रदर्शनकारी  जेल में भी भूख हड़ताल करने बैठ गए थे . क्या हैं दोनों पक्षों के मत पुलिसकर्मियो का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने छप्पन पर जाकर पत्थर बाज़ी की वाहनों के साथ तोड़ फोड़ की जिसमे पुलिस के कुछ लोग भी घायल हो गए परन्तु कार्यकर्ताओं का कहना है कि वो शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे पर पुलिस ने ही अचानक से लाठी चलाना शुरू कर दिया . गृहमंत्री ने दिया सख्त करवाई का आश्वासन बजरंगदल के प्रदर्शन के दौरान करीब 15 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गयी जिनपर  पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर लाठी चार्ज की ,इस घटना से नाराज़ बजरंगदल और हिन्दू संगठनो को देखकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना की उच्च स्तारिये जाँच की बात कही . साथ ही आज सुबह हुई प्रेस कांफ्रेंस पलासिया के टीआई संजय बैस को हठाने की बात कही .

इश्क में छोड़ा कट्टरता का मज़हब,सनातनी बना फाजिल..

नरसिंहपुर के एक मुस्लिम युवक फाजिल खान ने एक हिन्दू लड़की से शादी के लिए घर वापसी का फैसला लिया .फाजिल खान के पिता ने करीब 25 साल पहले इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था लेकिन जब फाजिल को सोनाली से प्यार हुआ तो उसने दोबारा हिन्दू धर्म अपना लिया और दोनों ने करेली के राम मंदिर से शादी कर लिया . क्या है दोनों की प्रेम कहानी नरसिंहपुर के रहने वाले फाजिल खान और सोनाली राय की मुलाकात गाडरवारा के डमरू घाटी शिव मंदिर में हुई थी .शिव मंदिर में दोनों ने एक दूसरे को पहली बार देखा था तब दोनों ने एक दूसरे को पसंद भी कर लिया था. दोनों के बीच बातें होना शुरू हो गयी और पांच साल बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर लिया जिसमे दोनों के दोस्त और कुछ सम्बन्धी गवाह बन गये थे . अंत में अपने प्यार को बचाने के लिए फाजिल घर वापसी कर अमन राय बन गया . लोगों ने किया विरोध फाजिल खान ने सोनाली से विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की .इसमें जब फाजिल और सोनाली से अपनी शादी का आवेदन दिया था और 23 जनवरी को इसका नोटिस जरी हुआ जिसमे दोनों ने अपनी मर्ज़ी से शादी करने की बात लिखी . ये नोटिस जब लोगों के सामने आया तो लोग शादी के गवाहों का बहिष्कार करने लगे और सोनाली और दोनों गवाहों की शोक सभा रखने की भी बात की गयी . जिसके बाद फाजिल ने हिन्दू धर्म में वापसी करने का फैसला किया .कल रात करेली के राम मंदिर में धर्म वापसी के बाद फाजिल का नामकरण किया गया जहां उसको अमन राय नाम दिया गया . धर्म वापसी के बाद अमन ने सोनाली के साथ पूरे सनातन रीति रिवाजों के साथ शादी की . पिता ने किया था इस्लाम क़ुबूल अमन राय उर्फ़ फाजिल खान के पिता ने करीब 25 साल पहले इस्लाम धर्म को क़ुबूल कर लिया था पर फाजिल को बचपन से ही हिन्दू धर्म में दिलचस्पी थी ,वो हिन्दू देवी देवताओं को भी मानता था मंदिरों में भी जाता था और अक्सर माता पिता से धर्म में वापसी की बात भी कहता था .फिर सोनाली से प्यार होने के बाद फैज़ल ने घर वापसी कर ली .