गंगा जमुना स्कूल पर बुलडोजर चलाने की तैयारी,गृहमंत्री ने दिए संकेत…
दमोह के गंगा जमुना स्कूल के हिजाब मामले में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं ,एक ओर गंगा जमुना स्कूल के प्रबंधन कमिटी के सदस्य पुलिस के हत्थे चड़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर दोषियों के ठिकानों पर बुलडोजर चलने के आसार भी नजर आ रहे हैं । बीते दिनों ये मामले तब सामने आया था जब एक पोस्टर वायरल हुआ जिसमें हिन्दू लड़की हिजाब पहने नजर आ रहीं थी जिसे स्कूल के लोग स्कार्फ बात रहे थे . गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कही बड़ी बात नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि दमोह के गंगा जमुना स्कूल के मामले की जांच सही दिशा में चल रही है, प्याज के छिलकों की तरह एक के बाद एक परत छिलके की तरह उघड़ती जा रही हैं,जो फरार हैं और इस तरह की फिरका परस्त ताकतें हैं माफिया हैं उन पर तो बुलडोजर चलता ही है।नरोत्तम मिश्रा के इस बयान से साफ जाहीर हो रहा है कि अब गंगा जमुना स्कूल के खिलाफ कोई सख्त कारवाई होने जा रही है । आय दिन केस से जुड़ी परतें खुलती जा रही है और गंगा जमुना स्कूल की असली कहानी बयां करती जा रही है । इन लोगों को भेजा जेल गंगा जमुना स्कूल विवाद में तीन बच्चों को बताई बातों के मुताबिक पुलिस ने स्कूल की प्रबंधन कमेटी के 10 सदस्यों पर धारा 295 ,506 और जेजे एक्ट के अनुसार केस किया । जांच के बाद जब आरोपियों को सही माना गया तब पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की । स्कूल के प्राचार्य और दो अन्य लोगों की कोर्ट में पेशी की और फिर तीनों को जेल भेज दिया गया क्या था पूरा मामला कुछ दिन पहले दमोह का एक पोस्टर काफी वायरल हुआ था जिसमें हिन्दू लड़कियाँ हिजाब पहने नजर आ रही थी लेकिन स्कूल का कहना था की ये स्कार्फ है हिजाब नहीं ,इस पर स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले तो उसे क्लीन चिट दे दी पर बाद मे गंगा जमुना स्कूल की मान्यता को ही खारिज कर दिया । जांच मे ये भी सामने आया कि स्कूल मे पढ़ाने वाली महिला शिक्षक का भी धर्म परिवर्तन कराया गया था । बच्चों का कहना है कि स्कूल मे उन्हे नमाज़ पड़ने को मजबूर किया जाता था और आयात भी रटवायी जाती थी ।
इंदौर में RSS की छवि बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ FIR…
मध्यप्रदेश के इंदौर मे सामाजिक संगठन आरएसएस की छवि बिगाड़ने एक फेक वीडियो वायरल किया गया मामले का खुलासा होने पर वीडियो को वायरल करने वाले मीडिया संस्थानों और कुछ अन्य लोगों पर सख्त एक्शन लिया गया। इंदौर मे ये पहली बार नहीं है जब आरएसएस या बजरंगदल के खिलाफ ऐसा कुछ हुआ हो इसके पहले भी कई बार इन सामाजिक संगठनों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने झूठे इल्जाम लगाए हैं. कर्नाटक मे जहाँ बजरंगदल पर सवाल उठे तो वहीं अब मध्यप्रदेश के इंदौर मे कई बार दोनों ही संगठनों से जुड़ी झूठी खबरे फैलाकर उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इंदौर मे कुछ मीडिया संस्थानों और ट्विटर, फेसबुक हैन्डल द्वारा एक वीडियो वायरल किया जा रहा था जिस पर दावा किया जा रहा था कि आरएसएस का पदाधिकारी स्पा चला रहा है जिसमे गलत काम भी किए जा रहे हैं । वीडियो फेक निकला तो वीडियो को वायरल करने वालों के खिलाफ FIR कराई गई । क्या है वायरल वीडियो का पूरा सचमध्यप्रदेश के इंदौर में कुछ मीडिया संस्थानों ने एक फेक वीडियो वायरल किया जिसमे ये दिखाया गया कि सामाजिक संगठन आरएसएस के पदाधिकारी एक स्पा चलाते हैं जिसमे गलत काम किया जाता है । वीडियो कि जांच में पता चला कि वीडियो मे जिस शख्स का नाम बताया गया इस नाम का आरएसएस पदाधिकारी मध्यप्रदेश में कहीं भी नहीं है । वीडियो के सच के सामने आने के बाद पता चला कि वीडियो कहीं और का है और इसका आरएसएस से कोई संबंध नहीं है । वायरल वीडियो को देख कई आरएसएस समर्थकों और स्वयंसेवकों की भावनाओं को ठेस पहुंचा जिसके बाद शासकीय अधिवक्ता राजेश जोशी ने केस किया । FIR में कुछ मीडिया संस्थानों ,उनके संचालकों के साथ ट्विटर और फेसबुक हैन्डल के भी नाम हैं. इन मीडिया संस्थानों पर हुई FIRFIR में कुछ मीडिया संस्थानों ,उनके संचालकों के साथ ट्विटर और फेसबुक हैंडल के भी नाम हैं. ये नाम हैं न्यूज नशा (वेब पोर्टल ),एनकाउंटर (वेब पोर्टल ), जनविचार संवाद (फेसबुक समूह ) , भाविका कपूर और अनुज यादव (ट्विटर हैंडल ) ,पीयूष अहीर (फेसबुक प्रोफाइल)। ये सभी लोग फेक वीडियो को वायरल करने मे शामिल हैं । इनका सीधा उद्देश्य बताया जा रहा है कि ये आरएसएस और बजरंगदल जैसे सामाजिक संगठानों कि छवि समाज के बिगाड़ना चाह रहे थे । पहले भी की गईं कई कोशिशेंइंदौर में ये पहली बार नहीं हुआ कि जब हिंदूवादी संगठन जैसे आरएसएस और बजरंग दल की छवि खराब करने की कोशिश की गई है, इसके पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है । जहाँ एक ओर राजनीतिक पार्टियां बजरंगदल पर सियासत कर रही थी वही दूसरी ओर कई असामाजिक तत्व आरएसएस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं । इंदौर मे बीते दिन कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा ऐसे पर्चे बाटे गाए थे जिसमे राष्ट्रीय स्वयं सेवक पर आरोप लगा कि वो हिन्दू लड़कों को मुस्लिम लड़कियों को फ़साने कि बात कहते हैं इतना ही नहीं बल्कि उन्हे ट्रैनिंग भी देते हैं इसका नाम उन्होंने हैशटैग भगवा ट्रैप रखा । इंदौर मे ही एक घटना और हुई जिसमे जब एक ऑटो के पीछे आरएसएस लिखा हुआ था तो उसके मालिक को बेरहमी से पीटा गया और अब आरएसएस के कार्यकर्ताओं के नाम पर फेक वीडियो वायरल किया जा रहा था ।