अचानक वानरों के जैसे उछलने लगे बागेश्वर धाम सरकार जाने क्यों ?

छतरपुर – मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम सरकार महेंद्र धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हजारों वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं जिनमें उनके द्वारा कही गई तरह-तरह की बातें और बुंदेली चुटकुले होते हैं लेकिन इस बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वे वानरों के जैसे उछलते हुए नजर आ रहे . क्या है वीडियो में दरअसल यह वीडियो छतरपुर के बागेश्वर धाम सरकार का ही बताया जा रहा है जब महेंद्र धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने भक्तों को दर्शन देने दिव्य दरबार हॉल से बाहर आने लगे तो वह अचानक से वानर के जैसे उछल कूद करने लगे इसी दौरान किसी भक्तों के द्वारा शास्त्री की हरकत को फोन में रिकॉर्ड कर लिया और अब यह वीडियो फेसबुक टि्वटर और इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल हो रहा है .
खत्म करनी पड़ेगी डॉक्टरों को हड़ताल ! हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश !

भोपाल – मध्य प्रदेश में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर एमपी हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है, हाईकोर्ट ने डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध ठहराया है . दरअसल मध्य प्रदेश के लगभग 15000 डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं जिसकी वजह से प्रदेश कई अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. डॉक्टरों की हड़ताल से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज ज्यादा परेशान हैं .हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती 228 मरीजों के ऑपरेशन टाल दिए गए हैं . हाईकोर्ट ने हड़ताल को ठहराया अवैध वहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध बताया है. दरअसल एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि हड़ताल पर बैठे सभी डॉक्टर तत्काल अपने काम पर लौटे, अस्पताल में मौजूद अंतिम मरीज का भी इलाज करें .साथ ही साथ हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि बिना अनुमति के भविष्य में हड़ताल ना करें .बता दें कि यह याचिका पूर्व पार्षद इंद्रजीत कुमार पाल ने लगाई थी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रवि मलिमथ और जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने यह बात कही है इस मामले की पैरवी संजय अग्रवाल राहुल गुप्ता और नीरजा अग्रवाल के द्वारा की गई है
बजरंग दल की तुलना PFI से करने पर आगबबूला हुए CM और वीडी शर्मा , कमलनाथ ने किया समर्थन

भोपाल – कांग्रेस ने कर्नाटक में अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल पर बैन लगाने की घोषणा क्या की उसके बाद से पूरे देश का राजनीतिक पारा बढ़ गया है . और अब मध्यप्रदेश में भी इस विषय को लेकर जमकर राजनीति शुरू हो चुकी है . कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस की घोषणा पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री गृहमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जमकर निशाना साधा तो वही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी है . कांग्रेस की मति मारी गई है ,जो बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रही है – सीएम शिवराज सीएम शिवराज ने कांग्रेस की इस घोषणा का विरोध करते हुए कहा है कि “जाको प्रभु दारुण दुख देही,ताकी मति पहले हर लेही”कांग्रेस की मति मारी गई है जो बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रही है.सीएम ने कहाकी बजरंग दल एक प्रखर राष्ट्रवादी संगठन है जो आतंकवाद का विरोध करता है, लव जिहाद का विरोध करता है, सामाजिक सेवा करता है अपने धर्म और संस्कृति के जागरण की बात करता है ऐसे राष्ट्रवादी संगठन की तुलना कांग्रेस ने PFI से की है. ये वही कांग्रेस से जो अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करती है , ये वही कांग्रेस है जिसने राम सेतु को काल्पनिक बताया है आज कांग्रेस का चेहरा पूरी तरीके से बेनकाब हो गया है . यही नहीं सीएम ने कांग्रेस को सिमी खाद पानी देने वाला बताया है . कांग्रेस को कर्नाटक में अपनी हार दिख इसीलिए बजरंग दल पर बैन लगाने की बात कर रही है – वी डी शर्मा वहीं इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती है. कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को अपनी हार दिख रही है, इसलिए देश में अपनी समाजिक और धार्मिक भूमिका निभाने वाले बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रही है. इसी मामले को लेकर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पीसीसी चीफ कमलनाथ को पत्र लिखकर बजरंग दल की तुलना पीएफआई से करने पर जवाब मांगा है . कमलनाथ ने किया कर्नाटक कांग्रेस का समर्थन कर्नाटक कांग्रेस के द्वारा उठाए इस कदम का मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने समर्थन करते हुए कहा है कि जो नफ़रत फैलाए चाहे व्यक्ति हो या संगठन उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, यह तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। किसी को टारगेट नहीं करना है .
Karnataka Election 2023: बजरंग दल की तुलना PFI से करने पर भड़के नरोत्तम

भोपाल – कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है गृह मंत्री ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ को एक पत्र लिख कर उनका जबाव माँगा है गृह मंत्री का कहना है की कमलनाथ जी स्वयं को बड़ा हनुमान भक्त बताते हैं तो उन्हें इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए . मिश्रा ने इस पत्र में लिखा है “इस घोषणा पत्र में कांग्रेस ने बजरंग दल जैसे राष्ट्र सेवी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है। ऐसे में कोई भी बजरंग भक्त ऐसा नहीं होगा, जिसकी भावनाएं आहत न हुई हो। पीएफआई जैसे राष्ट्र विरोधी संगठन के साथ बजरंग दल की तुलना कर इसका अपमान किया है।’ साथ ही अपने ट्वीट में नरोत्तम ने लिखा कि “तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस ने कर्नाटक में अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल की तुलना पीएफआई से करने के साथ बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर करोड़ों हिंदुओं और राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। खुद को हनुमान भक्त बताने वाले कमलनाथ जी को बताना चाहिए कि वह अपनी पार्टी के निर्णय के पक्ष में है या विपक्ष में। साथ ही कमलनाथ जी आप यह भी बताएं कि दिग्विजय सिंह जी के बजरंग दल पर बैन करने वाले ट्विट से सहमत है या नहीं। मुझे उम्मीद है कि एक हनुमान भक्त होने के नाते आप मेरे पत्र का जवाब जरूर देंगे।” बता दें की बजरंग दल की PFI से तुलना करने पर भाजपा प्रदेश सहित पूरे देश में कांग्रेस पर हमलावर है साथ इस मामले में बजरंग दल के नेताओं की भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है